Thursday, 14 March 2019

औरतें बेहद अजीब होतीं है....

लोग सच कहते हैं -
औरतें बेहद अजीब होतीं है

रात भर पूरा सोती नहीं
थोड़ा थोड़ा जागती रहतीं है
नींद की स्याही में
उंगलियां डुबो कर
दिन की बही लिखतीं
टटोलती रहतीं है
दरवाजों की कुंडियाॅ
बच्चों की चादर
पति का मन..
और जब जागती हैं सुबह
तो पूरा नहीं जागती
नींद में ही भागतीं है

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं

हवा की तरह घूमतीं, कभी घर में, कभी बाहर...
टिफिन में रोज़ नयी रखतीं कविताएँ
गमलों में रोज बो देती आशाऐं

पुराने अजीब से गाने गुनगुनातीं
और चल देतीं फिर
एक नये दिन के मुकाबिल
पहन कर फिर वही सीमायें
खुद से दूर हो कर भी
सब के करीब होतीं हैं

औरतें सच में, बेहद अजीब होतीं हैं

कभी कोई ख्वाब पूरा नहीं देखतीं
बीच में ही छोड़ कर देखने लगतीं हैं
चुल्हे पे चढ़ा दूध...

कभी कोई काम पूरा नहीं करतीं
बीच में ही छोड़ कर ढूँढने लगतीं हैं
बच्चों के मोजे, पेन्सिल, किताब
बचपन में खोई गुडिया,
जवानी में खोए पलाश,

मायके में छूट गयी स्टापू की गोटी,
छिपन-छिपाई के ठिकाने
वो छोटी बहन छिप के कहीं रोती...

सहेलियों से लिए-दिये..
या चुकाए गए हिसाब
बच्चों के मोजे, पेन्सिल किताब

खोलती बंद करती खिड़कियाँ
क्या कर रही हो?
सो गयी क्या ?
खाती रहती झिङकियाँ

न शौक से जीती है ,
न ठीक से मरती है
कोई काम ढ़ंग से नहीं करती है

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

कितनी बार देखी है...
मेकअप लगाये,
चेहरे के नील छिपाए
वो कांस्टेबल लडकी,
वो ब्यूटीशियन,
वो भाभी, वो दीदी...

चप्पल के टूटे स्ट्रैप को
साड़ी के फाल से छिपाती
वो अनुशासन प्रिय टीचर
और कभी दिख ही जाती है
कॉरीडोर में, जल्दी जल्दी चलती,
नाखूनों से सूखा आटा झाडते,

सुबह जल्दी में नहाई
अस्पताल मे आई वो लेडी डॉक्टर
दिन अक्सर गुजरता है शहादत में
रात फिर से सलीब होती है...

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं

सूखे मौसम में बारिशों को
याद कर के रोतीं हैं
उम्र भर हथेलियों में
तितलियां संजोतीं हैं

और जब एक दिन
बूंदें सचमुच बरस जातीं हैं
हवाएँ सचमुच गुनगुनाती हैं
फिजाएं सचमुच खिलखिलातीं हैं

तो ये सूखे कपड़ों, अचार, पापड़
बच्चों और सारी दुनिया को
भीगने से बचाने को दौड़ जातीं हैं...

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

खुशी के एक आश्वासन पर
पूरा पूरा जीवन काट देतीं है
अनगिनत खाईयों को
अनगिनत पुलो से पाट देतीं है.

सच है, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं ।

ऐसा कोई करता है क्या?
रस्मों के पहाड़ों, जंगलों में
नदी की तरह बहती...
कोंपल की तरह फूटती...

जिन्दगी की आँख से
दिन रात इस तरह
और कोई झरता है क्या?
ऐसा कोई करता है क्या?

सच मे, औरतें बेहद अजीब होतीं हैं..

(हमारे जीवन में ख़ुशी, समर्पण और प्रेम
 बरसाने वाली हर महिला को सादर समर्पित)
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Tuesday, 25 September 2018

How To Control Hair Fall | Hair Fall Remedies | By naturally no any chemical product

Today all people are facing the problem of hair fall. Men women even child are facing this hair loss problem . Today we will talk about 'How To Control Hair Fall' 'Hair Fall Remedies' By Natural methods without using any costly  products we can prevent it.

How to control Hair fall ?



These days hair fall is a common problem not only men and women  but  also children are facing this problems. Before knowing how to control hair fall  and what remedies we should apply on it. We
should know what is cause behind hair fall 

Cause behind hair fall?

There are so many causes of hair fall. Improper nutrition, improper blood circulation, Genetic properties, bacterial infection, are some important couse behind hair fall but we can simply prevent this by simple hair loss treatment by following some  hair loss remedies 

Some important Hair fall remedies 

1. Using onion juice 


Onion juice is one of the best home remedies for hair fall solution. We know that onion juice has various important nutrition like sulphur different vitamin and proteins for healthy hair and hair growth. even working of onion juice has no any scientific explanation it works instant and very well without any side effects. Uses of onion juice are quite difficult but it is far
better than costly chemical products. It is using like a shampoo two to three days in a week after using it you can wash by shampoo.

2. Using neem and awla.


Neem and awla are best remedies for prevent bacterial infection and improper nutrition. neem has natural antiseptic properties which makes hair healthy and awla is best sorce of vitamin-C. We know that deficiency of Vitamin-C is one of the main cause of hair fall. So if you use it you can see effective change. Using process is very easy firstly you can boil dry neem leave and dry awla in coconut oil then filter it and use this coconut oil one time in a day

3. Using Aloe vera and Gingelly oil.



Using of aloe vera gel with gingelly oil very effective for controlling hair fall because aloe vera gel is natural antiseptic and very rich in vitamins and Gingelly oil one of the most vitamin rich oil. You can buy the separately and after mixing in equal amount you can use ones in a day 

You can use These simple home remedies and reduce hair fall. These process are costless, 100% working, easy to use.  If you use these remedies you can see effect very soon 
Some people ignore it and loss own hai the he looks towards  hair transplant but hair transplant surgery is very  costly and not safe. If you want to go hair loss clinic the you can go many hair loss clinic use different harmful chemical products for hair loss treatment which is very harmful for hair 


Monday, 17 September 2018

रेलवे Group-D परीक्षा मे पूछे गए प्रश्न 17 september सभी sift ( 1,2,3)



रेलवे Group-D  परीक्षा मे पूछे गए प्रश्न 17 september सभी sift ( 1,2,3)

SIFT 1

Railway Group-D General Science


रेलवे समूह-डी परीक्षा 2018 में, विज्ञान से प्रश्न सीधे आधारित थे और आसान से मध्यम स्तर के थे. कोई फ़ॉर्मूला वाले प्रश्न परीक्षा का हिस्सा नहीं थे.

आज की परीक्षा की पहली शिफ्ट में पूछे गए कुछ प्रश्न नीचे दिए गए हैं:-
  • वाशिंग सोडा में कितने पानी के अणु मौजूद होते हैं?
  • न्यूटन के कानून से एक सवाल.
  • नमक के pH स्तर पर एक सवाल.
  • पौधे के प्रजनन पर एक सवाल.
  • निम्नलिखित में से कौन सा सबसे भारी ग्रह है?
  • Railway Group-D General Awareness On Current Affairs

    रेलवे समूह-डी परीक्षा 2018 में, करंट अफेयर्स के प्रश्नों पर सामान्य जागरूकता मध्यम स्तर की थी.
कुल प्रश्न: 20
परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न नीचे दिए गए हैं:-
  • सोनम कपूर को किस फिल्म के लिए पुरस्कार मिला?
  • पद्मावती फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका किसने की?
  • ओस्कर पुरस्कार कहां आयोजित किया गया था?
  • साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार किसने प्राप्त किया?
  • जापान के प्रधान मंत्री कौन हैं?
  • किस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार 2018 मिला?
  • भारत का मैनचेस्टर?
  • श्रम पुरस्कार किसको मिला था?
  • जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कौन हैं?
  • अमेरिकन टूरिस्ट के ब्रांड एंबेसडर कौन हैं?
  • सगममाला परियोजना से एक सवाल.
  • हिमायत कार्यक्रम किस से संबंधित है?
  • हाल ही में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के रूप में कौन चुना गया है?
  • फोर्ब्स की सूची में कौन शीर्ष पर है?
  • मैनबुकर पुरस्कार 2018 किसने प्राप्त किया?
  • भारत में रहने के लिए सबसे अच्छा शहर कौन सा है?
  • भारत का सबसे साफ स्टेशन कौन सा है?
  • निम्नलिखित में से कौन सी 100 वीं स्मार्ट सिटी है?
  • पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान किस पार्टी से संबंधित थे?
  • मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है?

  • SIFT 2ND

  • आज की परीक्षा की पहली शिफ्ट में पूछे गए कुछ प्रश्न नीचे दिए गए हैं:-
    • ओम के कानून से एक सवाल.
    • न्यूलैंड ऑक्टेवस की सूची में अंतिम तत्व कौन सा है?
    • हीरे का क्रांतिक कोण कौन सा है?
    • इलेक्ट्रिक बल्ब में कौन सी गैस का उपयोग किया जाता है? 
    • दर्पण पर संख्यात्मक प्रश्न.
    • कौन सा वायरस, बैक्टीरिया को प्रभावित करता है ?
    • रक्त का pH मान क्या है?
    • 18 वें समूह में कितने तत्व होते  हैं?
    • हार्ड वाटर का फ़ॉर्मूला क्या है?
    • कार्बन मोनोऑक्साइड का केमिकल फ़ॉर्मूला क्या है?
    • फ्लेमिंग के लेफ्ट हैण्ड रूल से एक सवाल.

    • आज की परीक्षा की तीसरी शिफ्ट में पूछे गए कुछ प्रश्न नीचे दिए गए हैं:-
      • पैरेन्काइमा कोलेन्काइमा और स्क्लेरेनकाइमा में किसमें बड़ी अंतःक्रियात्मक जगह है?
      • बेकिंग पाउडर किसका मिश्रण है?
      • एक बंदूक के रेकोइल पर संख्यात्मक प्रश्न?
      • ऊर्जा पर संख्यात्मक प्रश्न
      • पौधे के औक्सिंस हार्मोन?
      • किस तत्व पर परमाणु संख्या 13 है?
      • 25 ग्राम सल्फ्यूरिक एसिड में कितने ग्राम मॉल होते है?
      • Railway Group-D General Awareness On Current Affairs

        रेलवे समूह-डी परीक्षा 2018 में, करंट अफेयर्स के प्रश्नों पर सामान्य जागरूकता मध्यम स्तर की थी.

        कुल प्रश्न: 20
        परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न नीचे दिए गए हैं: -
        • विकलांग श्रेणी चैंपियनशिप में राष्ट्रीय स्तर पर शतरंज किसने जीता?
        • किस पुस्तक ने गोल्डन मैन बुकर पुरस्कार जीता?
        • संस्कृति और पर्यटन मंत्री कौन हैं
        • भारत के रक्षा मंत्री कौन हैं?
        • टी 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5 विकेट किसने लिए?
        • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र?
        • ICC के अध्यक्ष कौन हैं

Wednesday, 12 September 2018

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी की हत्या क्यूँ की ? | Why Nathuram Godse Assassinated Gandhi

अक्सर इतिहास के पन्ने वक्त के साथ धुंधले पड़ जाते है जिस वजह से हर कोई इतिहास के धुंधले पड़े पन्नों को अपनी – अपनी तरह समझने लगता है। लेकिन असल में इतिहास में क्या हुआ था वो केवल वही जान सकता है जो उस समय उस घटना क्रम को देखने के लिए मौजूद था। लेकिन उस समय मौजूद लोग भी कई बार इतिहास को अपने नजरिए से बताने की कोशिश करते है जिस वजह से सच कई बार पन्नों की धुल में ही दबकर रह जाता है।
राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गाँधी की हत्या के रहस्य पर भी कुछ इसी तरह की धुल जमी है। महात्मा गाँधी की जीवनी जितनी दिलचस्पी थी उसे कही ज्यादा रहस्मय उनकी मौत है जिसकी गुत्थी आज तक कोई नहीं सुलझा पाया। हालांकि महात्मा गाँधी की हत्या किसने की ये सब जानते है।

नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी की हत्या क्यूँ की ? –  Why Nathuram Godse Assassinated Gandhi

महात्मा गाँधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने की थी। महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे ने अपना जुर्म भी कबूला और उन्हें फांसी की सजा भी सुनाई गई। लेकिन सोचने वाली बात ये की नाथूराम गोडसे की महात्मा गाँधी की हत्या करने की वजह आज तक कोई ढ़ग से समझ नहीं पाया है।
और अगर नाथूराम गोडसे के अदालत में दिए आखिरी बयान पर जाए तो ये स्थिति ओर भी दुविधाजनक हो जाती है कि नाथूराम गोडसे ने जो किया वो गलत होकर भी उन्हे गलत क्यों नहीं लगा ? जब मौत सामने खड़ी है और फिर भी एक व्यक्ति जज की आँखो में आँखे डालकर ये कह सकता है कि हां मैने ही महात्मा गाँधी की हत्या की और इसका मुझे कोई पछतावा नहीं है, तो ये हत्या का कारण सुलझकर भी अनसुलझा रह जाता है।

कौन थे नाथूराम गोडसे – Who is Nathuram Godse

नाथूराम गोडसे को लेकर जितनी किताबें और जितने तथ्य मिले है उनके अनुसार नाथूराम गोडसे अखबार हिंदू राष्ट्र के संपादक थे। साथ ही एक दिलचस्प बात जो निकलकर आती है वो ये कि नाथूराम गोडसे हमेशा से ही महात्मा गाँधी के विचारों से प्रभावित थे।
नाथूराम गोडसे पर लिखी आखिरी किताब जिसे कांग्रेस दारा बैन कर दिया गया था उसके अनुसार नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी को उनके घर पर खाने का निमंत्रण भी दिया था। नाथूराम गोडसे पर आधारित इस किताब का नाम “गाँधी वध क्यों”  है जिसे उनके ही भाई गोपाल गोडसे ने लिखा था इस किताब में उन पत्रों को भी शामिल किया गया है जो नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी को लिखे थे।
किताब के अनुसार नाथूराम गोडसे भारत पाकिस्तान विभाजन को लेकर चिंतित थे और चाहते थे कि महात्मा गाँधी ये विभाजन कैसे भी रोक दें?  पर वहीं दूसरी तरफ महात्मा गाँधी पर आधारित कई किताबों में नाथूराम गोडसे को कई जगह हिंदुत्व से प्रभावित भी बताया जाता है और ये भी माना जाता है कि वो आरएसएस के प्रचारक थे। लेकिन आरएसएस, हिंदुत्व नाथूराम गोडसे और महात्मा गाँधी की हत्या का क्या संबंध था?
“गांधी वध क्यों” में गाँधी की हत्या की 130 कारण
गोपाल गोडसे को भी महात्मा गाँधी की हत्या की साजिश रचने में शामिल के लिए उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। अपनी सजा पूरी होने के बाद जब गोपाल गोडसे बाहर आए थे उन्होनें गाँधी हत्या को लेकर किताबें लिखी। गोपाल गोडसे की किताब “गाँधी वध क्यों” में उन्होनें महात्मा गाँधी की हत्या की 130 कारणों की व्याख्या की है जो उनके भाई नाथूराम गोडसे ने कोर्ट में बताई थी।
भारत – पाकिस्तान विभाजन था महात्मा गाँधी की मौत का कारण
अगर हम किताबों पर ना भी जाए तो उस समय की मीडिया रिपोर्टस के अनुसार नाथूराम गोडसे भारत – पाक  विभाजन से बिल्कुल खुश नहीं थे। नाथूराम गोडसे ने कहा था कि “जब कांग्रेस के नेताओं की सहमति से उस देश का बंटवारा हो रहा था जिसे हम पूजते है तो मैं गुस्से से आग बबूला था।
नाथूराम गोडसे ने कोर्ट में भी अपने बयान में कहा था कि “गाँधी जी ने देश की जो सेवा की है उसके लिए मैं उनका आदर करता हूं, उनपर गोली चलान से पहले मैं उनके आगे नतमस्तक इसलिए हुआ क्योंकि मैं उनका सम्मान करता हूं लेकिन लोगों को धोखा देकर मातृभूमि के विभाजन का अधिकार बड़े से बड़े महात्मा को भी नहीं है, गाँधी ने जो देश के टुकड़े किए उसके लिए ऐसा न्यायालय और कानून नहीं था जिसे आधार पर उन्हें अपराधी माना जाए इसलिए मैं गाँधी को गोली मारी।”
हालांकि जब महात्मा गाँधी के बेटे देवदास गाँधी नाथूराम गोडसे से मिलने जेल पहुंचे तो वहां नाथूराम गोडसे ने देवदास गाँधी से कहा कि उन्होनें उनके पिता की हत्या राजनीतिक कारणों से की थी जिसे महात्मा गाँधी की हत्या का रहस्य ओर उलझ गया। इसके बाद महात्मा गाँधी के बेटों ने कई बार नाथूराम गोडसे की मिलने की कोशिश की पर उनकी इस अपील को खारिज कर दिया गया।

Friday, 27 April 2018

मेरी जिंदगी : एक प्रेरणा


कभी रुला रही है
कभी हंसा रही है

मेरी जिंदगी
मेरी मां की तरह सिखा रही है

किसी को रंग रूप से बदला
किसी को पद प्रतिष्ठा से बदला

 किसी को नाकामयाबी से बदला
 तो किसी को कामयाबी से बदला
  .....पर वक्त ने सबको बदला

कई रिश्ते नाराज हैं
फिर भी वो  ईतरा  रही है

 मेरी जिंदगी
मेरी मां की तरह सिखा रही है

Written by pradeep kr. 

Saturday, 21 April 2018

👦 मैं गाँव का लड़का हूँ 👦



         कंधो  पे गठरी  लिए
 घर से   निकलते वक्त

 'अच्छे से जाना'  मां ने
              कहा  चलते  वक्त ...

              आंखो मे सपने  लिए
 चल दिया मंजिल की ओर

 सफर भर सोचता रहा अब
               बढुंगा  साहिल कि ओर ...

             पर भूल गया की मेरी तो
 जिंदगी में  तट नही

 खुद ही पार करनी है मझधार
                    संग कोई  केवट नहीं ...

          कुछ ख्वाहिश; कुछ फरमाइश ले
  पहुंच गया  शहर में

 आदतें बदली, कुछ बातें बदली
                    नौकरी के  चक्कर में ....

            सिमट गई परवाज मेरी
 फलक से  उतर करके

 कटने लगा हूं रब्ता -रब्ता
           दिल की बातों से  कट करके ...

                 अब अतीत की  घड़ी से
 कुछ नयी  आवाज  लेकर

 नई धुन बनाने चल दिया
           उम्मींदो  की साज लेकर ...

           जंग लगी रहेगी  शोहरत के लिए
 चाहें  आंखों में  छालें पड़े

 सपनों के माला गुथेगी  कदम
                  चाहें  पावों में  लाले पड़े ...

               मैं गाँव का  लड़का हूँं
 संस्कारों  में पला  बढ़ा

 घर बांटते हुए देखा उनको
             जिनके  प्यारों में पला बढ़ा ...

                 इस रित को  ,ऐसी प्रित को
 बदलुंगा  दृढ़  संकल्प से

  हर मुश्किलों का हल ढ़ुंढुंगा
                  जज्बा  के  विकल्प से...
         ............................
Written by pradeep kr. 

Thursday, 19 April 2018

📖 लीकतंत्र 📖


आज मैंने न्यूज़पेपर में लीकतंत्र नाम से बनी नुक्कड़ नाटक के बारे में पढ़ा । राजतंत्र ,लोकतंत्र ,अल्पतंत्र से अलग इस तंत्र की चर्चा जोरों पर है । Facebook, WhatsApp का डाटा लीक ,SSC एग्जाम का पेपर लीक ,बिहार दरोगा का पेपर लीक ,10 वीं एवं 12 वीं सीबीएसई की परीक्षा पेपर लीक से लेकर CD लीक और चुनाव की तारीख  लीक इस लीकतंत्र की शाखाएं  है । जो आज देश में कुरीतियां एवं भ्रष्टाचार को मजबूती प्रदान कर रही है ।

इस लीकतंत्र का जन्म भी लोकतंत्र की तरह ही हुआ है। जो जनता के द्वारा ,जनता के लिए और जनता का शासन है । इसलिए तंत्र ने विशेष रूप से युवाओं को काफी प्रभावित किया है । जो गांव से या छोटे शहरों से निकलकर बड़े शहरों में अपनी किस्मत संवारने आते हैं। बड़ी अरमानों के साथ कई सपने संजोए , कंधों पर गठरी लिए घर से निकलते  हैं । जोश , जुनून और मेहनती युवाओं की जिंदगी लीकतंत्र की काली अंधियारी में कहीं गुम हो जाती है । ये उन युवाओं को पता  भी नहीं होता । इसका दर्द टूटे हुए दांत से इख चबाने जैसा होता है ।


सियासत की सिंगार का सबसे बड़ा गहना नेता होते हैं ...तब जनता । आजकल सत्ता के गलियारे से संपूर्ण कलियुगी धर्म अपनाए हुए नेता पनपते हैं। जो कहीं ना कहीं इस लीकतंत्र को अंजाम तक पहुंचाते हैं । हर चीज जो चाहे समाज से हो ,धर्म से हो या शिक्षा से हो , एक राजनीतिक मुद्दा बन जाती है।

पिछले कुछ महीनों से जिस तरह देश में ही से घटनाएं हुई है , निश्चित रूप से आम जनता से लेकर खास लोगों को क्षति पहुंचाई है । विरोध प्रदर्शन तो एक रिवाज बनता जा रहा है । समाज में बदलाव लाना हो ,अनैतिकता में सुधार लाना हो, भ्रष्टाचार को मिटाना हो ,हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहा है  ।उसमें लाठीचार्ज होती हैं ,ट्रक और गाड़ियां जलाए जाते हैं । पुतले फुके जाते हैं और फिर यही सब का हिंसक का रुप ले लेते हैं ।

एक बार जरा 2 मिनट पीछे मुड़कर सोचिए । इसलिए लीकतंत्र से या हिंसक प्रदर्शन से सबसे ज्यादा किसको नुकसान हुआ है और मूल रूप से ऐसी घटनाओं का अंजाम देने वाला खलनायक कौन है?... आप पाएंगे कि एक आम वर्ग को काफी नुकसान होता है और सारी घटनाओं का संचालन खास वर्ग द्वारा  होता है । यह कहने का तात्पर्य यह नहीं है कि अच्छे और अमीर लोगों ने लीकतंत्र की जड़ी बूटी पी ली है । बल्कि कुछ दानव जरूर है जो न्यूज़पेपर में छाए रहते हैं बड़े घोटालों की चर्चा को लेकर। ये तो रामायण में कुंभकरण और रावण को मात देते हुए भी आगे निकल चुके हैं जो रक्त मांस के साथ-साथ कइयो के  सपने  भी खाते हैं।

सींचे हुए खेत को दोबारा उसी वक्त सींचने से उसमें लगी फसल नष्ट हो सकती है । लेकिन इस लीकतंत्र ने तो कई बार कौशलरूपी फसल को सींच रही है । जहां देश के सर्वोपरि नेता कौशल विकास योजना ,स्टार्ट अप इंडिया, बेटी बचाओ ,बेटी पढ़ाओ ,युवा बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा ,जैसे योजना की शुरुआत करते हैं वही पेपर लीक धांधली जैसे अवांछनिय पदार्थ पैदा होते हैं  फसल बोना अलग बात है और उसकी देखभाल करना अलग । महत्व किसको ,कब ,कितनी दी जानी चाहिए शायद सरकार इससे बेखौफ है ।

एक बात तो सच है कि लीकतंत्र ने विवेकानंद ,राजेंद्र प्रसाद, कलाम साहब जैसे लोगों की जगह बच्चा राय ,नीरव मोदी और आसाराम जैसे महान संतों को जन्म दे रही है। कभी-कभी लगता है कि हम खुद अपने बनाए हुए हथियारों से मारे जाएंगे । बरसों बाद एक परिवर्तन हुई सरकार में जो अच्छा काम कर रही हैं लेकिन साथ-साथ गरीबों की रोटी , युवाओं से नौकरी भी छीन रही है। यह बात कड़वी है पर सच है।

 हमारे देश में ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना और अहिंसात्मक रूप से कोई विधेयक पारित करवाना दोनों एक जैसा है । लगभग महीनों दिन चलने वाली SSC scam का परिणाम मिला.... 'आश्वासन "। अन्ना हजारे का उपवास का भी परिणाम मिला ...'आश्वासन' । क्या सच में ये आश्वासनरूपी द्रव के सेवन से SSC और किसानों की आर्थिक स्वास्थ्य में सुधार आएगा । हमें तो नहीं लगता क्योंकि किसी ने कहा.. घर घर में शौचालय बनने से गांव देहातों में मच्छरों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है जो भयानक बीमारियों को जन्म दे रही है जो शायद खुले में शौच से भी नहीं होती ।-- जब एेसी भी सोच हमारे अंदर मौजूद होगी तब आप ही अंदाजा लगाइए हम विकास को कैसे अपनाएंगे । शक्तिशाली युवाओं का देश , स्वच्छ भारत वाला देश कैसे कहलाएंगे ।

पाप,अधर्म ,भ्रष्टाचार ऐसा नहीं है कि सिर्फ इसी युग में फैल रहा है यह तो कई युगो से चलते आ रहा है।  पहले भी लीक तंत्र हुआ था ,जो विभीषण ने किया था जिसमें रावण का विनाश हुआ जो अच्छा भी था।  पर आज का लीकतंत्र उल्टी राह पकड़ ली है जो सुव्यवस्था,संस्कारों पर सीधे वार करती है। लोकतंत्र के घर में लीकतंत्र नामक दीमक खोखला करते जा रहा है।  बढ़ती जनसंख्या के साथ साथ बढ़ती कुरितीयां जिंदगी को कठिन बना रही है ।अभी सांस लेने वाली हवा भी बिकेगी बंद पानी बोतल  की तरह। सारे क्रियाकलापों का संचालन मनुष्य करता है और उसका  निष्पादन भी यही करता है Kranti तो लानी पड़ेगी ।कदम तो उठाना पड़ेगा ही..एक और बदलाव की ओर आगे आना पड़ेगा ही। इस लीक तंत्र जैसी व्यवस्था को खत्म करने के लिए।


मैंने किसी साहित्यकार के साक्षात्कार में पढा की कविता कहानी लिखकर कोई रोटी नहीं पा सकता.
उसके लिए कुछ अलग काम करना ही होगा लेकिन यह सच है कि जब-जब इस देश की सता डगमगाइ है तब-तब साहित्य ही अदब से सहारा दिया है। किसी के लिखने से उसे रोटी ना मिले कोई परहेज नहीं , लेकिन उसके द्वारा उठाई गई आवाज तो समाज में फैल सकती है। उसके सोच से किसी की मानसिकता बदल सकती है ,और अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष का युद्ध छेड़ सकती हैं ।कोई कलम उठाता है तो उसमें ताकत होती है बदलाव लाने की। एक क्रांति बन जाती है उसके लिखे शब्द। एक प्रयास बन जाती है कागज पर उकेरे दर्द । हमें रोटी नहीं चाहिए पर लीकतंत्र हटना चाहिए और हटाएगा क्यों नहीं? पारो के बिना Devdas मिट सकता है तो ये लीकतंत्र बड़ी चीज नहीं है । बस खुद से इमानदार होना है ।


एक नए जीवन बनाने की कल्पना करनी है । जिसमें जातीयता ,अमीरी, गरीबी ऊंच-नीच ,सब कूड़ेदान में बंद हो । एक महकती हुई इंसानियत नाम की पुष्प लगानी है.. हर परिवार में।  रिश्ते कायम रखनी है यह समझ कर कि मौत जब दर्शन देती है तो आसमानता के प्रकाश में  जब सांसे बंद होगी ही एक दिन.... तो फिर क्यों ना सुकून वाले जिंदगी जी ली जाए । किसी की हक छीनकर या ज्यादा लूटकर सुकून की मौत भी नहीं मिलती जिंदगी की बातें ही छोड़ दे । अपने मन में प्रेमराग  की किरण भरकर उपकार और भलाई वाली सांस लेने की कोशिश करें शायद पीड़ा कम हो जाए। अंत में कुछ पंक्तियां जो शाश्वत रहेगी ...

सलामी देते वक्त तिरंगे को सोचा तुमने.. अहिंसा और सत्य के पुजारी ने राजतंत्र हटाया था । अरे कद्र करो लोकतंत्र की जो भारत मां की आंचल है ..क्यों लीक तंत्र की धूल से आंचल मैला करते हो ? क्यों भूल जाते हो इसी मां के बेटे ने सीने में गोलियां खाई थी सिर्फ हमारे लिए.. हंसते-हंसते फांसी पर झूले थे सिर्फ हमारे लिए... ताकि हम चैन से जी सकें... खुली हवा में सांस ले सके... जो वंदे मातरम कहने में शर्म करता है वो इस मां के बेटे नहीं है । जो गरीबों की हक छीन कर आगे की पीढ़ी चलाता है वो सच में इस मां की कोख से जन्म नहीं लिया है...


अन्याय को सहना नहीं अब
वरना दबा दिए जाओगे
कत्ल कोई और करेगा
 तुम कातिल कहलाओगे

संकल्प ले मन में
इस देश को बदलना है
सहनशीलता एक पाप है
इस मर्म को समझना है

स्मार्ट गांव नहीं ,स्मार्ट शहर नहीं ,
स्मार्ट सोच बनानी है
हर दरवाजे पर खुशियां दस्तक दे
ऐसी रिवाज रोज बनानी है

हम बंदे हैं ऊपर वाले के
हममें शक्ति अनंत है
महकने वाली ,गुनगुनाने वाली
 हम भी गीत बसंत है

हम बदलेंगे हम सभलेंगे
हर डगर हर मोड़ पे
 मिटा डालेंगे कभी तो
इस लीकतंत्र को हर छोड़ से।

जय हिंद जय भारत।
अच्छा लगे तो plz share करे .

written by pradeep kr.